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Official NCERT Syllabus (Reprint 2026-27) Class 10 · Science CBSE · RBSE

Class 10 Science Chapter 10 The Human Eye and the Colourful World Notes

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 10 मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार के संपूर्ण NCERT नोट्स। दृष्टि दोष (निकट व दूर दृष्टि दोष), प्रिज्म से अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण, टिंडल प्रभाव व तारे क्यों टिमटिमाते हैं। CBSE, RBSE, UP, MP Board तैयारी।

Surendra & Neel Kamal Chouhan

Surendra Singh Chouhan & Neel Kamal Chouhan Academic Directorate

Retd. ADEO Secondary Education (Jodhpur) & Principal BDRKA · NCERT Educator

24 September 2026 ~4 min read · 863 words 100% Free Masterclass
Practice MCQs
माध्यम / Medium:
NEP 2020 Class 10 Science CBSE · RBSE
Contents · अनुक्रमणिका
  1. 01 अध्याय परिचय
  2. 02 1. मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye)
  3. 03 2. समंजन क्षमता (Power of Accommodation)
  4. 04 3. दृष्टि दोष एवं उनका निवारण (Defects of Vision)
  5. 05 4. प्रिज्म से प्रकाश का अपवर्तन एवं वर्ण-विक्षेपण
  6. 06 5. वायुमंडलीय अपवर्तन की परिघटनाएँ
  7. 07 6. प्रकाश का प्रकीर्णन एवं टिंडल प्रभाव
  8. 08 बोर्ड परीक्षा MCQ अभ्यास
  9. 09 Continue Studying

अध्याय परिचय

मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार कक्षा 10 विज्ञान का एक अत्यंत रोचक और परीक्षा-उपयोगी अध्याय है। इस अध्याय में हम समझते हैं कि मानव आँख कैसे काम करती है, चश्मे का नंबर कैसे निर्धारित होता है, और आकाश नीला या सूर्योदय के समय लाल क्यों दिखाई देता है।


1. मानव नेत्र की संरचना (Structure of Human Eye)

मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशीय यंत्र है जो कैमरे की तरह कार्य करता है।

भागकार्य
कॉर्निया (स्वच्छ मंडल)नेत्र का सबसे अगला पारदर्शी भाग, जहाँ से प्रकाश आँख में प्रवेश करता है।
परितारिका (Iris)गहरा पेशीय डायफ्राम जो पुतली के आकार को नियंत्रित करता है।
पुतली (Pupil)आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
नेत्र लेंस (Eye Lens)रेशेदार, जेलीवत पदार्थ का बना उत्तल लेंस जो रेटिना पर वास्तविक व उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है।
पक्ष्माभी पेशियाँ (Ciliary Muscles)लेंस की वक्रता और फोकस दूरी को आवश्यकतानुसार बदलती हैं (समंजन क्षमता)।
रेटिना (दृष्टिपटल)प्रकाश-संवेदी पर्दा जहाँ शलाकाएँ (Rods) और शंकु (Cones) कोशिकाएँ होती हैं।
दृक तंत्रिका (Optic Nerve)विद्युत संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचाती है।

2. समंजन क्षमता (Power of Accommodation)

नेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित करके निकट तथा दूर की वस्तुओं को रेटिना पर स्पष्ट फोकसित कर सकता है, समंजन क्षमता कहलाती है।

  • स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (निकट बिंदु): 25 सेमी (स्वस्थ आँख के लिए)
  • दूर बिंदु: अनंत (Infinity)

3. दृष्टि दोष एवं उनका निवारण (Defects of Vision)

(i) निकट-दृष्टि दोष (Myopia)

  • लक्षण: पास की वस्तुएँ साफ दिखाई देती हैं, लेकिन दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं।
  • कारण: (a) नेत्र गोलक का लंबा हो जाना, (b) नेत्र लेंस की वक्रता का अत्यधिक होना।
  • प्रतिबिम्ब: रेटिना से पहले बन जाता है।
  • निवारण: अवतल लेंस (Concave Lens) का चश्मा प्रयोग करके।

(ii) दीर्घ-दृष्टि दोष (Hypermetropia)

  • लक्षण: दूर की वस्तुएँ साफ दिखती हैं, परन्तु पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं।
  • कारण: (a) नेत्र गोलक का छोटा होना, (b) लेंस की फोकस दूरी का अत्यधिक होना।
  • प्रतिबिम्ब: रेटिना के पीछे बनता है।
  • निवारण: उत्तल लेंस (Convex Lens) का चश्मा प्रयोग करके।

(iii) जरा-दूरदृष्टिता (Presbyopia)

  • आयु बढ़ने के साथ पक्ष्माभी पेशियों के दुर्बल होने से दोनों दोष उत्पन्न होते हैं।
  • निवारण: द्विफोकसी लेंस (Bifocal Lens — ऊपरी भाग अवतल, निचला भाग उत्तल)।

गणितीय सूत्र एवं लेंस की क्षमता (Mathematical Formulas for Vision Correction)

बोर्ड परीक्षा में दृष्टि दोष निवारण के आंकिक प्रश्नों (Numericals) के लिए आवश्यक सूत्र:

  1. लेंस सूत्र (Lens Formula): 1f=1v−1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}

    • uu = वस्तु की दूरी (सदैव ऋणात्मक)
    • vv = प्रतिबिम्ब की दूरी (दोषयुक्त आँख का निकट/दूर बिंदु)
    • ff = आवश्यक लेंस की फोकस दूरी
  2. लेंस की क्षमता (Power of Lens): P=1f (मीटर)=100f (सेमी)P = \frac{1}{f\text{ (मीटर)}} = \frac{100}{f\text{ (सेमी)}}

    • SI मात्रक: डाइऑप्टर (D\text{D})
    • अवतल लेंस (निकट-दृष्टि दोष / Myopia): ff ऋणात्मक   ⟹  P\implies P ऋणात्मक (उदा. −2.5 D-2.5\text{ D})
    • उत्तल लेंस (दीर्घ-दृष्टि दोष / Hypermetropia): ff धनात्मक   ⟹  P\implies P धनात्मक (उदा. +1.5 D+1.5\text{ D})

4. प्रिज्म से प्रकाश का अपवर्तन एवं वर्ण-विक्षेपण

जब श्वेत प्रकाश (सूर्य का प्रकाश) काँच के प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों में विभक्त हो जाता है। इसे प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण (Dispersion) कहते हैं।

  • सात रंग: VIBGYOR (बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल / बैंजानीहपीनाला)
  • सर्वाधिक विचलन: बैंगनी (Violet) रंग का (तरंगदैर्घ्य सबसे कम)
  • न्यूनतम विचलन: लाल (Red) रंग का (तरंगदैर्घ्य सबसे अधिक)

5. वायुमंडलीय अपवर्तन की परिघटनाएँ

  1. तारों का टिमटिमाना: वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व और अपवर्तनांक निरंतर बदलता रहता है, जिससे आँखों तक पहुँचने वाले तारे के प्रकाश की तीव्रता बदलती रहती है।
  2. अग्रिम सूर्योदय एवं विलंबित सूर्यास्त: वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पहले और सूर्यास्त के 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है (दिन 4 मिनट लंबा)।

6. प्रकाश का प्रकीर्णन एवं टिंडल प्रभाव

  • टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect): कोलाइडल कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना। उदाहरण: धुएँ से भरे कमरे में प्रकाश पुंज दिखना, घने जंगल में सूर्य की किरणों का दिखना।
  • रैले का प्रकीर्णन नियम (Rayleigh’s Law of Scattering): I∝1λ4I \propto \frac{1}{\lambda^4} (जहाँ II = प्रकीर्णित प्रकाश की तीव्रता, λ\lambda = प्रकाश की तरंगदैर्घ्य)
  • आकाश का रंग नीला क्यों होता है? नीले प्रकाश की तरंगदैर्घ्य लाल प्रकाश की तुलना में कम होती है (λblue<λred\lambda_{\text{blue}} < \lambda_{\text{red}}), अतः रैले के नियम अनुसार नीला प्रकाश लाल की तुलना में लगभग 55 से 66 गुना अधिक प्रकीर्णित होता है।
  • खतरे का संकेत लाल क्यों होता है? लाल रंग की तरंगदैर्घ्य सर्वाधिक (≈700 nm\approx 700\text{ nm}) होने के कारण इसका प्रकीर्णन न्यूनतम होता है, अतः कोहरे व धुएँ में भी यह दूर से स्पष्ट दिखाई देता है।

बोर्ड परीक्षा MCQ अभ्यास

1. सामान्य दृष्टि के वयस्क के लिए सुस्पष्ट दर्शन की न्यूनतम दूरी होती है:
a) 25 मीटर b) 2.5 सेमी c) 25 सेमी ✅ d) 2.5 मीटर

2. अभिनेत्र लेंस की फोकस दूरी में परिवर्तन किया जाता है:
a) पुतली द्वारा b) दृष्टिपटल द्वारा c) पक्ष्माभी द्वारा ✅ d) परितारिका द्वारा

3. निकट दृष्टि दोष के निवारण हेतु किस लेंस का उपयोग होता है?
a) उत्तल लेंस b) अवतल लेंस ✅ c) द्विफोकसी लेंस d) बेलनाकार लेंस

4. आकाश का नीला रंग किस घटना के कारण होता है?
a) परावर्तन b) अपवर्तन c) प्रकीर्णन ✅ d) वर्ण विक्षेपण


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Surendra & Neel Kamal Chouhan

Academic Directorate · NCERT Classes

Under the joint academic leadership of Mr. Surendra Singh Chouhan (Retd. ADEO Secondary Education Jodhpur, former 1st Grade Lecturer & flying squad chief) and Mrs. Neel Kamal Chouhan (Current Principal at Smt. BDRKA School & NCERT educator). Developed in partnership with ABC Steps Technologies Pvt. Ltd. (Divyanshu Singh Chouhan, CTO).

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