अध्याय परिचय
अनुवांशिकता (Heredity) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा माता-पिता के शारीरिक व मानसिक लक्षण उनकी संतानों में स्थानांतरित होते हैं। ग्रेगर जोहान मेंडल को आनुवंशिकी का जनक (Father of Genetics) कहा जाता है।
1. मुख्य पारिभाषिक शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| जीन (Gene) | DNA का क्रियात्मक खंड जो किसी विशिष्ट लक्षण को निर्धारित करता है। |
| एलील (Allele) | किसी जीन के विपर्यायी (वैकल्पिक) रूप (जैसे T और t)। |
| प्रभावी लक्षण (Dominant) | जो F1 पीढ़ी में स्वयं को अभिव्यक्त करता है (जैसे लंबापन, T)। |
| अप्रभावी लक्षण (Recessive) | जो F1 पीढ़ी में छिपा रहता है (जैसे बौनापन, t)। |
| समयुग्मजी (Homozygous) | समान युग्मविकल्पी (जैसे TT या tt)। |
| विषमयुग्मजी (Heterozygous) | भिन्न युग्मविकल्पी (जैसे Tt)। |
| फीनोटाइप (दृश्यरूप) | बाह्य रूप-रंग (जैसे लंबा या बौना)। |
| जीनोटाइप (जीनरूप) | आनुवंशिक संघटन (जैसे TT, Tt या tt)। |
2. मेंडल के प्रयोग एवं वंशागति के नियम
मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए उद्यान मटर (Pisum sativum) का चयन किया क्योंकि:
- मटर का जीवन चक्र छोटा होता है।
- इसमें कई स्पष्ट विपर्यायी लक्षण पाए जाते हैं।
- स्व-परागण और कृत्रिम पर-परागण आसानी से कराया जा सकता है।
(a) एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross)
जब एक जोड़ी विपर्यायी लक्षणों (जैसे पादप की लंबाई: लंबा TT × बौना tt) को लेकर संकरण कराया जाता है:
- F1 पीढ़ी: सभी पौधे लंबे (Tt, विषमयुग्मजी)
- F2 पीढ़ी (स्व-परागण द्वारा):
- दृश्यरूप अनुपात (Phenotypic Ratio) = 3 : 1 (3 लंबे : 1 बौना)
- जीनरूपी अनुपात (Genotypic Ratio) = 1 : 2 : 1 (1 TT : 2 Tt : 1 tt)
(b) द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross)
जब दो जोड़ी विपर्यायी लक्षणों (जैसे गोल-पीले बीज RRYY × झुर्रीदार-हरे बीज rryy) का संकरण कराया जाता है:
- F2 दृश्यरूप अनुपात: 9 : 3 : 3 : 1 (9 गोल-पीले : 3 गोल-हरे : 3 झुर्रीदार-पीले : 1 झुर्रीदार-हरा)
3. मानव में लिंग निर्धारण (Sex Determination in Humans)
मनुष्यों में 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं:
- 22 जोड़े (ऑटोसोम): कायिक लक्षणों के लिए।
- 1 जोड़ा (लिंग गुणसूत्र):
- स्त्री में: XX
- पुरुष में: XY
लिंग निर्धारण की प्रक्रिया:
- अंडाणु (मादा युग्मक) हमेशा X गुणसूत्र वहन करता है।
- शुक्राणु (नर युग्मक) दो प्रकार के होते हैं: 50% में X तथा 50% में Y।
- यदि X-शुक्राणु अंडाणु (X) को निषेचित करता है → XX = लड़की (पुत्री)।
- यदि Y-शुक्राणु अंडाणु (X) को निषेचित करता है → XY = लड़का (पुत्र)।
📌 महत्वपूर्ण निष्कर्ष: संतान का लिंग पूर्णतः पिता के शुक्राणु (X या Y) पर निर्भर करता है, माता पर नहीं।
बोर्ड परीक्षा MCQ अभ्यास
1. आनुवंशिकी का जनक किसे कहा जाता है?
a) डार्विन b) मेंडल ✅ c) लैमार्क d) मॉर्गन
2. मेंडल के एकसंकर संकरण में F2 पीढ़ी का जीनोटाइप अनुपात होता है:
a) 3:1 b) 1:2:1 ✅ c) 9:3:3:1 d) 2:1:1
3. मानव में लिंग गुणसूत्रों की संख्या होती है:
a) 23 जोड़े b) 1 जोड़ा (2 गुणसूत्र) ✅ c) 22 जोड़े d) 44 गुणसूत्र
4. मटर के पौधे में अप्रभावी लक्षण है:
a) लंबा पौधा b) बैंगनी फूल c) बौना पौधा ✅ d) गोल बीज
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